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Pocket FM · Script Reader

Ek Ladki Ko Dekha Toh: Powerstart Promo

A story-led promo that opens on the central mystery, moves quickly through Anika’s transformation and ends on an unresolved threat.

Original script title
New Powerstart IOC - Nikita Final
Project
Ek Ladki Ko Dekha Toh
Organisation
Pocket FM
Content type
Promotional script
Script language
Hindi

Budhi Daadi: “बिटिया तू भूलकर भी गुलेरिया मेन्शन के पास मत जाना, वरना तू भी बिना किसी के छुए प्रेग्नेंट हो जाएगी!”

Random Girl: “क्या? बिना किसी के छुए प्रेग्नेंट?”

“कहते हैं… 6 साल पहले मासूम अनिका की शादी इसी गुलेरिया मेन्शन में हुई और अगले ही दिन वो प्रेग्नेंट हो गई! 120 किलो की मोटी, भद्दी अनिका को कोई लड़का देखता तक नहीं था। लेकिन जब वो इस मेन्शन में रहने आई, अचानक शहर के सबसे रईस बिज़नेसमैन कुणाल डोगरा का रिश्ता ख़ुद उसके पास आया। सबको लगा अनिका ने उस पर काला जादू किया था। लेकिन ये सब इस मेन्शन में रहने वाले शैतान की वजह से हुआ था…

उसने अनिका की ज़िन्दगी ही तबाह कर दी, उसके घरवाले किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे और अनिका के साथ जो हुआ, वो तो लोग बोलने से भी डरते हैं….

अनिका के साथ शैतान ने जो किया जानने के लिए हमे जानना होगा कि जब अनिका उस हवेली में बेहोश मिली और उसके पिता उसे हॉस्पिटल ले गए तो क्या पता चला….

और वहां डॉक्टर ने जो कहा उसे सुनकर उड़ गए अनिका के होश!

Chapter 1 : द ट्रांस्फ़ॉर्मेशन

"अनिका। तुम सुन रही हो ना मेरी बात? तुम मां बनने वाली हो आनिका…!"

डॉक्टर के ये शब्द सुनते ही 18 साल की अनिका की कमज़ोर आंखें एकदम से चौड़ी हो गई। वो समझ नहीं पा रही थी कि वो आख़िर प्रेग्नेंट कैसे हो सकती थी? जितनी शॉक्ड अनिका थी, उतने ही शॉक्ड उसके पापा भी थे, जो डॉक्टर की बात सुनते ही अनिका पर बरस पड़े।

“बेशर्म! कल ही तेरी शादी हुई है और आज तू कह रही है कि तू प्रेग्नेंट है।”

“मैंने कोई गलत काम नहीं किया है पापा। आज तक मुझे किसी लड़के ने छुआ तक नहीं, पता नहीं ये सब कैसे हो गया।”

तभी डॉक्टर ने अनिका के पापा को टोकते हुए कहा।

देखिए सर। अनिका चार महीने की प्रेग्नेंट है इसलिए अब अबॉर्शन पॉसिबल नहीं है।

अगले दिन-

अनिका के पापा ने घर में लगे सारे सीसीटीवी कैमरे की पिछले चार महीनों के फ़ुटेज देखने के बाद उनका सर चकरा गया। अनिका पिछले चार महीनों से घर के बाहर कहीं गई ही नहीं थी और न ही अनिका से कोई मिलने आया था, जब वो किसी से मिली ही नहीं तो फिर यह प्रेग्नेंसी कैसे?

एक दिन अपने घर के गार्डन में खड़ी अनिका पानी छिड़क रही थी, तभी एक बाइक की आवाज़ ने अनिका को सन्न कर दिया। वो बाइक में अनिका का पति कुणाल डोगरा था।

तभी वहां अनिका के पिता गौतम आ गए।

"देखो इस बेशर्म लड़की को.. शादी के फेरे लेते वक़्त पेट में किसी और का बच्चा लिए घूम रही थी और इतना होने के बाद भी आज मेरे सामने ऐसे बेशर्मों की तरह खड़ी है!! क्या लगा तुझे कि मैं तेरे इस बच्चे को मेरा नाम दे दूंगा? कुणाल डोगरा का नाम???? पता नहीं किस गटर का कीड़ा है…"

अनिका कुणाल की बातें सुनकर जितना ज़्यादा हर्ट थी, उतनी ही ज़्यादा गुस्से में भी थी। बच्चे का ख़्याल आते ही न जाने कैसे… अचानक अनिका के अंदर अजीब सी हिमत आ गई। और बिना कुछ सोचे, वो बोल पड़ी

“मैं इस शादी को नहीं मानती!”

ये सुनने पर गौतम और कुणाल, दोनों शॉक्ड थे। लेकिन गौतम ने बात को संभालते हुए कुणाल से कहा

"इस वक्त अनिका की तबियत ठीक नहीं है, इसलिए तुम उसकी बातों पर ध्यान मत दो। और रहा सवाल बच्चे का। तो उसके पैदा होते ही उसे अनिका से हमेशा के लिए अलग कर दिया जाएगा। मेरा यकीन करो"

अचानक से अनिका के पेट में ज़ोर से दर्द शुरू हो गया.. देखते ही देखते वो बेहोश हो चुकी थी और फिर बच्चे के रोने की आवाज़ से अनिका की आंखें खुलीं। दो फूल जैसे प्यारे बच्चे उसकी बगल में लेटे हुए थे। ये जुड़वा बच्चे थे इनमें से एक लड़का था और एक लड़की।

तभी अचानक एक नक़ाबपोश आदमी ने उन दोनों बच्चों को उससे छीनने की कोशिश की।

अनिका ने अपनी बेटी को तो उस नक़ाबपोश से बचा लिया पर वो उसके बेटे को उससे छीनने में कामयाब हो गया। अनिका को इस बात का बड़ा सदमा लगा जिसकी वजह से उसकी तबियत खराब होने लगी। इसीलिए उसके पापा ने उसे बैंगलुरू उसकी मौसी के पास भेज दिया और वहां अनिका की हालत धीरे धीरे सुधरने लगी।

देखते ही देखते 6 साल बीत गए। अनिका अब पहले की तरह मोटी नहीं है, बल्कि एक स्लिम फ़िगर वाली ख़ूबसूरत औरत में तब्दील हो चुकी थी। किसी के लिए भी उसे पहचान पाना अब मुश्किल था। 6 सालों में अनिका के पापा ने उसे एक बार भी कॉल नहीं किया था, पर आज अचानक उनका कॉल आया, मनाली जाना होगा।

अनिका ने अपना समान पैक किया और बेटी रिया के साथ मनाली की फ़्लाइट में बैठ गई। जैसे ही फ़्लाइट लैंड हुई, अनिका का फ़ोन बजा। अनिका के फ़ोन उठाते ही गौतम ने उससे कहा

"कुणाल तुम्हें लेने एयरपोर्ट आ रहा है.. उसके साथ घर आना। यहां तुम्हें…”

इतना कहकर गौतम अटक गया…

"ख़ैर तुम घर आओ.. फिर मैं तुम्हें सब बता दूंगा"

अनिका ये सुनकर सोच में पड़ गई ।

“और आख़िर ऐसी कौन सी बात करना चाहते हैं पापा मुझसे?”

यही सब सोचते हुए अनिका एयरपोर्ट के एग्ज़िट की ओर बढ़ती जा रही थी… तभी कुणाल की नज़र एयरपोर्ट के दरवाजे पर पड़ी और एक लड़की को देख उसकी नज़र वही अटक गई।

अनिका के बदले हुए रूप के कारण वह उसे पहचान नहीं पाया था। तभी अचानक कुणाल बोल पड़ा...

"Hello, miss gorgeous! आप मनाली पहली बार आई लगती हैं…”

अनिका कुणाल की बात को अवॉइड करते हुए टैक्सी को आवाज़ देने लगी..

"टैक्सी… टैक्सी…"

"अरे मिस…मिस…अपना नाम तो बताती जाओ”

अनिका ने बिना किसी भी हाव-भाव से धीरे से कहा, "अनिका गुलेरिया।"

Chapter 2: अनिका का कमबैक

"अनिका गुलेरिया।"

कुणाल ये सुनकर दंग रह गया। लेकिन तभी टैक्सी के अंदर बैठी अनिका ने कुणाल के पीछे खड़े ड्राइवर के हाथ का बोर्ड दिखाते हुए कहा, "तुम अनिका गुलेरिया को पिक करने आए थे ना?"

माजरा समझ आते ही कुणाल ने आगे बढ़कर कहा, "अरे उस मोटी को तो मैं टैक्सी से भेज दूंगा, आप दोनों मेरे साथ कार में चलिए ना।"

अनिका की गाड़ी को जाते देख, कुणाल ने अपने ड्राइवर को उस टैक्सी का पीछा करने का आदेश दिया

ड्राइवर झट से गाड़ी निकालकर अनिका की गाड़ी का पीछा करने लगा।

अनिका होटेल पैराडाइज़ पहुंच चुकी थी।

अपने आलीशान रूम में कुछ देर सुस्ताने के बाद अनिका ने होटेल रूम को बाहर से लॉक किया और लिफ़्ट का इंतज़ार करने लगी तभी अनिका के फ़ोन पर उसकी असिस्टेंट राजलक्ष्मी का फ़ोन आया।

अनिका ने फ़ोन पिक किया… "मैडम रोहित मारवा का मेल आया है । वो अपनी दादी मां का इलाज देश की सबसे बड़ी न्यूरो सर्जन डॉक्टर अमृता यानी कि आपके पास करवाना चाहते हैं इस वक्त वो मनाली में ही है और आप भी मनाली में है। तो क्या मैं अपॉइंटमेंट फ़िक्स कर दूं ?

अनिका ने जैसे ही पीछे मुड़कर देखा, पीछे रिया खड़ी थी, उसका चेहरा कुछ उखड़ा हुआ था।

अनिका ने नीचे झुककर प्यार से रिया के दोनों गालों पर किस किया और बोली, "मम्मा, जल्दी वापस आ जाएगी। और आते वक्त तुम्हारी फ़ेवरेट चॉकलेट आइस क्रीम लेकर आएगी।

अनिका की लिफ़्ट के नीचे जाते ही अनिका के रूम के सामने वाले रूम का दरवाज़ा खुला, और उसमें से एक 26-27 साल का हैंडसम आदमी बाहर आया। ब्लैक ट्राउज़र्स, वाइट शर्ट और ब्लैक ब्लेज़र। ये आदमी मारवा इंडस्ट्रीज़ का सीईओ रोहित मारवा था। रोहित अपने कमरे से निकला, और लिफ़्ट के पास खड़े बच्चे को डांटते हुए कहा, "बेटा आर्यन, कितनी बार कहा है तुम्हें की ऐसे ही बिना बताये कमरे से बाहर मत निकला करो…’’

आर्यन? ये अनिका की बेटी रिया नहीं बाल्की रोहित मारवा का इकलौता बेटा आर्यन था जिसे अनिका रिया समझ के गले लगा रही थी।

रिया अभी भी अनिका के कमरे में सो रही थी। रोहित, आर्यन से बात कर रहा था लेकिन आर्यन की नज़रे अभी भी लिफ़्ट के दरवाज़े पर जमी हुई थी। रोहित ने तुरंत फ़ोन निकाला और होटेल के सीसीटीवी रूम में फ़ोन कर के उसके रूम के बाहर का सीसीटीवी फ़ुटेज मंगवाया। कुछ ही पल में सिक्योरिटी इंचार्ज लैपटॉप पर सीसीटीवी फ़ुटेज लेकर आ गया फुटेज देखकर वो दंग हो गया।

घर के मेन गेट से अंदर आते ही अनिका को महसूस हुआ कि घर के अंदर पार्टी चल रही थी।

वहीं कहीं एक बोर्ड लगा हुआ था जिस पे लिखा था "Happy Birthday Kamini"

एक लड़की ज़मीन पर गिरी हुई थी, अनिका को याद आया कि वो लड़की उसकी बुआ की बेटी प्रीति थी।

कामिनी के हाथ में अनिका का पुराना फ़ोटो था वो अपनी सहेलियों को फ़ोटो दिखा कर पूछ रही थी।

"अच्छा एक काम करते हैं वोटिंग कर लेते हैं के इस मोटी और मुझ में ज़्यादा ख़ूबसूरत कौन है?"

ज़मीन पर गिरी प्रीति दबी आवाज़ में कहती है, "अनिका दीदी बहुत सुंदर है।"

कामिनी के सारे दोस्तों ने अपना हाथ कामिनी को वोट देने के लिए एक साथ हवा में उठा लिए।

"बेचारी प्रीति! तुम तो हार गई, अब तुम्हें सज़ा मिलेगी, तो तुम्हारी सज़ा ये है कि तुम्हारी इस ख़ूबसूरत मोटी दीदी के जले हुए फ़ोटो की राख वाला ये जूस तुम्हें पीना है।”

तभी किसी ने कामिनी का हाथ पकड़कर उसे अचानक रोक लिया। ये हाथ अनिका का था…

अनिका ने कामिनी के हाथ से ग्लास छीनकर कहा, "हार और जीत का फ़ैसला खेल ख़त्म होने के बाद होता है और खेल अब तक ख़त्म नहीं हुआ है।"

120 किलो की अनिका, आज इतनी फ़िट, फ़ाइन एंड गॉर्जियस कैसे दिखने लगी? आसपास खड़े कामिनी के सभी दोस्त भी सरप्राइज़ हो गए।

सबकी बातें सुन अनिका ने कहा, "चलो जीत किसकी हुई ये तो पक्का हो गया अब जो सज़ा तय की थी वो पूरी कर ली जाए?"

तभी गौतम और अनिका की सौतेली मां मनीषा वहां आ गए।

गौतम ने गुस्से से कहा, “तुम मेहरबानी करके इन दो काग़ज़ात पर साइन कर दो।"

“अनिका दरअसल तुम्हारी मां के गुज़र जाने के बाद उसकी फ़ार्मा कंपनी जो तुम्हारे नाम पर हो गई थी वो कंपनी तुम अपनी छोटी बहन कामिनी को शादी के तोहफ़े में दे दो।"

तलाक़ के पेपर्स पर साइन कर अनिका ने धीरे से अपनी मां की कंपनी के काग़ज़ात उठाए और बोली, "अपना कहने को इस दुनिया में इस कंपनी के अलावा कुछ नहीं है मेरे पास। ये कंपनी में आपको नहीं दे सकती।"

अनिका बड़ी ही शालीनता से मना करके सीधा वहां से निकल गई।

Chapter 3: चॉकलेट आइस क्रीम

ये बात पता चलने पर गुस्से में तमतमाए कुणाल ने कहा, “समझती क्या है वो अपने आपको?”

कुणाल की आवाज़ सुनते ही कामिनी डर गई। वो नहीं चाहती थी कि कुणाल अनिका का ये बदला हुआ रूप देखे। वो दौड़कर गार्डन के बाहर कुणाल के पास पहुंची और कहा, "वो दरअसल, तुमसे मिलने में उसे शर्म आ रही थी। अब 6 साल बाद और भी मोटी हो चुकी है न इसलिए। वैसे मम्मी पापा अंदर बैठकर अभी अनिका से डिवोर्स पेपर्स पर साइन करवा रहे हैं। You come with me, मैंने तुम्हारे और तुम्हारे दोस्तों के लिए बंगले के पीछे शानदार दावत रखी है।”

उसी वक़्त कुणाल के फ़ोन पर उसके ड्राइवर राजू का मैसेज आया। जिसमें लिखा था, "होटेल पैराडाइज़ इंटरनैशनल।"

कुणाल को दोस्तों में बिज़ी कर कामिनी अनिका के पास आई झट से उसका हाथ पकड़ा,वो इधर-उधर देखते हुए अनिका को घर के अंदर लाई और उसने अनिका से पूछा, "ओके फ़ाइन, क्या चाहती हो तुम?"

अनिका ने एक मुस्कान के साथ कहा, "कामिनी तुम मेरी छोटी बहन हो। बस इतना कहूंगी कि कुणाल अच्छा लड़का नहीं है।"

ये सुनते ही कामिनी ने गुस्से से कहा,”अगर तुम्हें मेरी इतनी ही फ़िक्र है तो कंपनी मेरा नाम क्यों नहीं कर देती?

किसके लिए बचाकर रखनी है ये कंपनी? अपने किसी यार के लिए? या अपनी उस नाजायज़औलाद के लिए?”

इसके पहले की कामिनी अपनी बात ख़त्म कर पाती, अनिका कामिनी को ज़ोरदार तमाचा जड़ते हुए गुस्से में बोली, "ख़बरदार अगर मेरी बच्ची को नाजायज कहा तो, ज़बान खींच लूंगी। And I mean it!"

6 सालों में अनिका आज तक उसकी ज़िन्दगी की इस पहेली को सुलझा नहीं पाई थी की उसे किसी भी लड़के ने छुआ तक नहीं था, फिर भी वो कैसे प्रेग्नेंट हो गई थी? होटेल की ओर जाते हुए अनिका ने टैक्सी रास्ते में रोक कर रिया से अपना प्रॉमिस पूरा करने के लिए चॉकलेट आइस क्रीम ख़रीदी और अनिका की टैक्सी होटेल पैराडाइज़ इंटरनैशनल पहुंच गई।

होटेल के रिसेप्शन से होकर अनिका लिफ़्ट के पास पहुंचने ही वाली थी, कि चार पांच बॉडीगार्ड्स ने अनिका का रास्ता रोक लिया। इसी दौरान अनिका के हाथ से समान ज़मीन पर गिर गया।

अनिका थोड़ी-सी घबरा गई, उसे लगा "कही कंपनी पाने के चक्कर में किसी ने मेरे पीछे गुंडे तो नही भेजे?

आख़िर कौन थे ये लोग और क्यो रोका उन्हों ने अनिका को? और आख़िर क्या है राज़ अनिका की प्रेग्नेंसी का? आख़िर रोहित के बेटे और अनिका की बेटी की शक्ल हूबहू एक जैसी कैसे हो सकती है?

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