मनाली का हाई-प्रोफ़ाइल केस: तलाक़ के बाद भी रईसज़ादा पति पड़ा अपनी एक्स-वाइफ़ की कंपनी के पीछे।
नमस्कार मैं हूं अर्नब चौधरी। आपने अक्सर सुना होगा कि तलाक़ के बाद पत्नी, पति से ऐलमोनी के लिए लड़ती है। पर मनाली के इस हाई-प्रोफ़ाइल केस में पति कुणाल डोगरा तलाक़ के बाद भी अपनी बीवी अनिका गुलेरिया की कंपनी हड़पने के लिए षड्यंत्र रच रहा है। कंपनी पाने के लालच में इस अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद ने पहले तो 120 किलो की अनिका के संग शादी रचाई, फिर उसे तलाक़ देकर अपनी ही साली को प्यार के जाल में फ़साया। लेकिन ऐसा क्या है आख़िर अनिका गुलेरिया की इस कंपनी में जिसे हासिल करने के लिए मनाली के सबसे रईस ख़ानदान का इकलौता वारिस कुणाल डोगरा हाथ धोकर पीछे पड़ा है? आज के हमारे एपिसोड में जानिए इस केस से जुड़े सभी तथ्य, सीधे कुणाल डोगरा से।
होस्ट: मिस्टर कुणाल, मनाली के सबसे रईस ख़ानदान के इकलौते वारिस हैं आप। आख़िर क्या वजह रही ये सब करने के पीछे?
कुणाल: ये सब बकवास है। ये सब मैंने कोई कंपनी पाने के लिए नहीं किया। इन फ़ैक्ट, मेरे साथ तो ख़ुद इतना ग़लत हुआ है, जिसके बारे में किसी को पता तक नहीं है। और आज इस शो पर मैं यही सब बताने आया हूं। मैं ये साबित कर दूंगा कि ये सब इल्ज़ाम बेबुनियाद है।
होस्ट: ऐसा क्या ग़लत हुआ है आपके साथ? ज़रा शुरू से बताइए।
कुणाल: ये सब तब से शुरू हुआ जब मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए दिल्ली जाने वाला था। एक दिन अचानक मेरे पास मेरे दादाजी आए और उन्होंने बताया कि 4 महीने बाद मेरी शादी है! can you imagine? I was just 21! मेरी पूरी लाइफ़ पड़ी थी मेरे सामने। क्या क्या नहीं सोचा था मैंने अपने फ़्यूचर के लिए! मैंने बहुत मना किया दादाजी को। पर डोगरा ख़ानदान में मेरे दादाजी के अलावा किसी की नहीं चलती।
होस्ट: तो ये शादी ज़बरदस्ती हुई थी?
कुणाल: हां, शादी के लिए मैं ज़बरदस्ती मान तो गया, पर मुझे ये तक नहीं पता था कि मेरी शादी किससे होने वाली है। शादी के दिन ही मैंने उस लड़की को देखा और तब तो मुझे सच में लगा कि मेरे दादाजी की मुझसे कोई दुश्मनी है।
होस्ट: ऐसा क्यों मिस्टर कुणाल? क्या हुआ जब आपने उस लड़की को देखा?
कुणाल: लड़की? लड़की नहीं आटे की एक बोरी थी वो!! वो अनिका इतनी मोटी और भद्दी थी कि उसे देखकर ही मेरा ख़ून खौलने लगा था। पर फिर भी मैं दादाजी के ख़िलाफ़ नहीं जा सका। लेकिन मैंने सोच लिया कि इसके साथ मैं नहीं रह सकता। इसलिए फेरे पूरे होते ही मैं बिना किसी को कुछ कहे दिल्ली अपनी पढ़ाई पूरी करने चला गया।
होस्ट: अच्छा। ये तो आपके साथ बहुत बुरा हुआ तो मिस्टर कुणाल।
कुणाल: अभी तो इससे भी बुरा होने वाला था। शादी के 4 महीने बाद मुझे पता चला कि जिस मोटी को मैं शादी के मंडप पर छोड़कर आया था, वो शादी के अगले ही दिन 4 महीने की प्रेग्नेंट थी! बेशर्म मेरे साथ फेरे लेते वक़्त भी…छी!
होस्ट: शादी के अगले ही दिन प्रेग्नेंट? क्या उसका कोई अफ़ेयर था?
कुणाल: उस मोटी को अफ़ेयर चलाने के लिए कौन ही मिलता? सब हैरान थे। जैसे ही उसके पापा गौतम गुलेरिया को अनिका की प्रेग्नेंसी का पता चला तो उन्होंने हॉस्पिटल से घर आते ही घर में लगे सारे सीसीटीवी कैमरे की पिछले चार महीनों के फ़ुटेज देखी, पर वो देखने के बाद उनका सिर चकरा गया। अनिका पिछले चार महीनों से घर के बाहर कहीं गई ही नहीं थी और न ही अनिका से कोई मिलने आया था।
होस्ट: अच्छा, तो जब वो किसी से मिली ही नहीं तो फिर ये प्रेग्नेंसी कैसे?
कुणाल: इस बात का तो किसी को आज तक पता नहीं चल पाया। और उस वक़्त मैं दिल्ली में था। मुझे 4 महीने बाद ये सब बताया गया। इस बात का पता चलते ही मैं उस मोटी अनिका के घर ‘गुलेरिया हाउस’ पहुंच गया। वहां मैंने अपनी आंखों से देखा उसका पेट। मेरा ग़ुस्सा सांतवें आसमान पर था!
होस्ट: पर आपको तो वो वैसे ही पसंद नहीं थी। फिर आपको क्या फ़र्क़ पड़ता था उसकी प्रेगनेंसी से?
कुणाल: भले ही मैं उससे नफ़रत करता था, पर थी तो वो मेरी बीवी ही! मैंने उस वक़्त वही किया, जो कोई भी इज़्ज़तदार मर्द करता। मैंने पूछा उससे कि उस बदचलन औरत के पेट में कौन-सी गंदी नाली का कीड़ा पल रहा था? पता नहीं कहां मुंह काला कराके आई थी ये मोटी। इतने में उसका बाप आ गया और मुझसे कहने लगा कि अगर मैं तलाक़ लेना चाहूं तो उसे कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पर उसे जो समझ आ गया, वो मेरे दादाजी तो तब भी नहीं समझ पा रहे थे न। उन्होंने मुझे साफ़ कहा था कि वो मुझे इस मोटी से तलाक़ लेने नहीं देंगे। फिर गौतम ने मुझसे कहा कि मैं फ़िक्र न करूं, अनिका का बच्चा पैदा होते ही वो उसे उससे अलग कर देंगे। इतना सुनते ही उस मोटी अनिका के पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया और वो नीचे गिर गई।
होस्ट: अच्छा तो फिर क्या हुआ, मिस्टर कुणाल?
कुणाल: उस अनिका को हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उसने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, एक लड़का और एक लड़की। मुझे तो समझ नहीं आ रहा था कि मैं ये कहां फंस गया हूं। इतने में हमें पता चला कि कोई नक़ाबपोश आया और उसके बेटे को उससे छीन कर ले गया।
होस्ट: नक़ाबपोश? कौन था वो नक़ाबपोश?
कुणाल: क्या पता कौन था वो नक़ाबपोश? क्या पता उस नाजायज़ बच्चे का असली बाप ही हो! हाहाहा…
होस्ट: इन सबके बाद क्या हुआ, मिस्टर कुणाल? क्या आपने डाइवोर्स के लिए अनिका और उसके परिवार से बात की?
कुणाल: मेरी इतनी अच्छी क़िस्मत कहां, सर? बच्चा चोरी होने का सदमा लगा उस मोटी को, जिससे उसकी तबियत ख़राब हो गई। फिर उसके पापा गौतम ने उसे और उसकी बेटी को बेंगलुरु भेज दिया उसकी मौसी के साथ।
होस्ट: ओह, तो मतलब आपकी बला तो टली?
कुणाल: हां, पर सिर्फ़ 6 साल के लिए ही। 6 साल बाद वो मोटी फिर से मेरे गले पड़ने वापस आ रही थी। उसके पापा गौतम ने ही उसे वापस बुलाया था। इतना ही नहीं उन्होंने मुझे कहा था कि मैं ही उसे एयरपोर्ट पर पिक करने जाऊं! मैं तो उस मोटी की शक्ल तक नहीं देखना चाहता था, लेकिन शायद आख़िरी बार ही देखना था इसलिए चला गया।
होस्ट: आख़िरी बार? क्या मतलब?
कुणाल: अनिका के पापा ने उसे मनाली वापस हमारे डाइवोर्स पेपर्स साइन करवाने ही बुलाया था। फ़ाइनली मुझे उस भैंस से छुटकारा मिलने वाला था। मैं बहुत ज़्यादा ख़ुश था उस दिन। इसलिए मैं एकदम टाइम से एयरपोर्ट पहुंच गया अपने ड्राइवर के साथ। जैसे ही मैं वहां पहुंचा, तो एग्ज़िट गेट पर मैंने एक बहुत ही ख़ूबसूरत लड़की को आते हुए देखा। इससे सुंदर लड़की मैंने मनाली में कभी नहीं देखी थी। उसे देखते ही मैंने सोचा इतनी सुंदर लड़की से फ़्लर्ट करना तो बनता है! मैंने उसकी तरफ़ बढ़कर उसे कहा "Hello, miss gorgeous! आप मनाली पहली बार आई लगती हैं…।” पर वो ब्यूटिफ़ुल लड़की मुझे अवॉइड करते हुए टैक्सी को आवाज़ देने लगी…मैंने उसकी टैक्सी की विंडो पर हाथ रखकर उसे कहा कि अपना नाम तो बताती जाए, पर उसने जो कहा वो सुनकर मेरे होश उड़ गए।
होस्ट: ऐसा क्या कहा उस सुंदर लड़की ने आपसे, मिस्टर कुणाल?
कुणाल: उस लड़की ने बिना किसी भी हाव-भाव से धीरे से कहा, "अनिका गुलेरिया।" मैं तो ये सुनकर दंग ही रह गया। इतनी सुंदर लड़की अनिका कैसे हो सकती है? लेकिन तभी टैक्सी के अंदर बैठी उस परी ने मेरे पीछे खड़े मेरे ड्राइवर के हाथ का बोर्ड दिखाते हुए कहा, "तुम अनिका गुलेरिया को पिक करने आए थे न?" तब मेरी जान में जान आई। हुंह…मैंने कहा कि उस मोटी को तो मैं टैक्सी से भेज दूंगा, आप चलिए न मेरे साथ। पर उस लड़की की टैक्सी चल पड़ी। मैंने अपने ड्राइवर को कहा कि उसकी गाड़ी का पीछा करे। क्योंकि कुणाल डोगरा को जो चीज़ एक बार पसंद आ गई, वो उसे इतनी आसानी से जाने नहीं दे सकता।
होस्ट: ओह, वेरी चार्मिंग, मिस्टर कुणाल। पर क्या आपको एक पल के लिए भी नहीं लगा कि शायद वो लड़की अनिका ही है और वज़न कम करके वापस आ गई है?
कुणाल: वो मोटी अनिका वज़न तो कम कर लेती, पर अपने भद्देपन का क्या करती! ख़ैर, मेरा ड्राइवर उस ब्यूटिफ़ुल लड़की की गाड़ी का पीछा करने लगा। मैं दो घंटे तक एयरपोर्ट पर उस मोटी का इंतज़ार करता रहा, लेकिन वो आई ही नहीं! मुझे बहुत ग़ुस्सा आया। समझती क्या है वो मोटी अपने आप को? मैं सीधा एयरपोर्ट से गुलेरिया हाउस पहुंचा।
होस्ट: तो आपको वहां अनिका मिली?
कुणाल: मैं बहुत ग़ुस्से में था और वहां पहुचते ही ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाया। ये सुनते ही कामिनी आ गई। दरअसल, कामिनी अनिका की सौतेली बहन है। अनिका से तलाक़ के बाद मेरी और कामिनी की शादी होने वाली थी, लेकिन मेरे दादाजी इस शादी के लिए तब ही मानते, जब वो मोटी अनिका अपनी मरी हुई माँ की कोई फ़ार्मा कंपनी कामिनी के नाम कर दे। मुझे उस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं था, मुझे तो बस उस मोटी से छुटकारा चाहिए था।
होस्ट: ओह तो यहां से शुरू हुआ कंपनी का क़िस्सा? फिर आगे क्या हुआ, मिस्टर कुणाल?
कुणाल: कामिनी मेरे पास आई और कहने लगी कि अनिका को मुझसे मिलने में शर्म आ रही थी, क्योंकि 6 साल बाद वो और भी मोटी हो चुकी है। उसने ये भी बताया कि उसके मम्मी-पापा अंदर बैठकर अनिका से डाइवोर्स पेपर्स पर साइन करवा रहे हैं। उसने कहा कि मैं उसके साथ चलूं, उसने मेरे और मेरे दोस्तों के लिए बंगले के पीछे शानदार दावत रखी है। डाइवोर्स की बात सुनते ही मैं थोड़ा ठंडा हो गया और कामिनी के साथ चल पड़ा। उसी वक़्त मेरे फ़ोन पर मेरे ड्राइवर राजू का मैसेज आया। जिसमें लिखा था, "होटेल पैराडाइज़ इंटरनैशनल।" वो सुंदर लड़की इसी होटल में ठहरी थी। ये सुनते ही मेरा मूड और अच्छा हो गया। अब वो हसीना मुझसे बचकर कहां जाएगी! हाहाहा…
होस्ट: लेकिन मिस्टर कुणाल, आख़िर कौन है ये लड़की? कहीं यही तो अनिका नहीं जो 6 साल बाद लौट आई है एक नए रूप में? क्या 6 साल बाद अनिका आई है अपने खोए हुए बच्चे को ढूंढ़ने और डोगरा ख़ानदान और गुलेरिया ख़ानदान से बदला लेने?
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